डॉक्टर्स की कमी की बजह से बिलासपुर का ट्रामा सेंटर में 2 साल लगा है ताला

हिमाचल के बिलासपुर के स्वारघाट में ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती कब होगी यह किसी को अभी तक नई पता ?आपको मैं बता दू पिछले दो सालो से रोजाना यही चर्चा हो रही है की डॉक्टर कब तैनाती पर आयंगे।डेढ़ साल पहले की बात है 24 मार्च 2017 के दिन कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बिलासपुर के स्वारघाट ट्रॉमा सेंटर पर लाखों की धनराशि खर्च और आलीशान भवन जनता की स्वास्थ्य सेवाएं के लिए बनाया गया पर अभी तक बहा पर किसी भी डॉक्टर की नियुक्ति जनता की सेवा के लिया प्रदेश सरकार अभी तक नहीं कर पाई है | जनता मजबूर है इस आलीशान भवन का लाभ नहीं उठा पाई जिसके कारण दुर्घटना व आपातकाल के समय पर घायलों को सही उपचार न मिलने पर स्वारघाट से पीजीआई चंडीगढ़ में जा फिर बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल का रूख कर रहे है और इतनी मुश्किलो के बाद उन्हें 40 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा ।

जनता का कहना की स्वारघाट कस्बे में खोले गए जो ट्रॉमा सेंटर है बहा पर अभी तक दरवाजे पर आज भी ताले लटके हुए देख सकते है।इससे स्पष्ट है सेंटर में आज तक किसी बी डॉक्टर ने पेर नहीं रखा। आपात सेवा के दौरान प्रशिक्षित चिकित्सक को गम्भीर घायल के स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए डॉक्टरों का ट्रॉमा सेंटर में जरुरी होना चाहिए। जनता इस बात को लेकर हैरानी है कि लाखों की धनराशि खर्च के तैयार हुए भवन में विशेषज्ञ डॉक्टर के बैठेने की नियुक्तियों अभी तक नही हो सकी ।

जिस कारण से ट्रामा सेंटर पर ताले लटके है। इसके चलते लोगों को आपातकाल व दुर्घटना पर गम्भीर हालत में बड़ी मुस्किलो का सामना करना पड़ता है और 100 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ के पीजीआई जाना पड़ता है । जनता कह रही है अगर स्वारघाट के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों के न उपलब्ध के बाद दुर्घटना में शिकार हुए घायलों लोगों को वरदान साबित होगा और पीजीआई स्तर की वह सब स्वास्थ्य सेवा घायलों को तुरंत यही पर मिल जायँगी उनको मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा । स्वारघाट के आस पास सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला बढ़ता जा रहा है ।स्वारघाट के पास चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे कस्बा बसे होने के कारण यहां पर दुर्घटनाऐं होना लाजमी है और अक्सर दुर्घटनाऐं होती रहती है।

जनता ने हिमाचल प्रदेश की सरकार व स्वास्थ्य निदेशालय से अपनी मांग रखी है । ट्रॉमा सेंटर स्वारघाट में जल्दी ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाए ताकि आपातकाल में जनता को लाभ मिल सके और लोगों को दूरदराज स्वास्थ्य केंदर सेवा नहीं जाना पड़े। व घर-द्वार पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। बीएमआ बिलासपुर का कहना है की स्वारघाट ट्रॉमा सेंटर के लिए रिक्त पद चल रहे हैं। सरकार को इसके बारे में अवगत करवा दिया गया है। जनता की सेवा के लिए और जल्दी ही डॉक्टरों को तैनात कर दिए जाएंगा।

 

Rajat Salaria

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