जिला बिलासपुर में अवैध कब्जा किए हुए भाखड़ा बांध विस्थापित परिवारों के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से अच्छी खबर सुनने को मिली है। यह मामला काफी समय से कागज़ों तक ही सिमित रह गया था, दरअसल भाखड़ा बांध के अस्तित्व में आने के बाद जिन विस्थापित परिवारों को भूमि अलॉट नहीं हो सकी थी और उन्होंने अपना पालन पोषण करने के लिए सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया था। उस भूमि को खाली करने के लिए अब प्रदेश सरकार ने आदेश दिए हैं।

सूत्रों की जानकारी के अनुसार उपायुक्त बिलासपुर विनय धीमान ने बताया कि भाखड़ा बांध विस्थापितों द्वारा किए गए अवैध कब्जों के नियमितकरण हेतु पहले 8 अक्तूबर 2013 को बनाई गई विशेष नीति में 28 जुलाई 2018 को कुछ जरूरी संसोधन किए गए हैं। अतः अब इन संसोधनों का लाभ सभी हितधारकों को देने के लिए 31 अगस्त 2019 तक आवेदन पेश करने को कहा गया है।


ये भी पढ़ें :

पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं

विनय धीमान ने साथ में ये भी बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एलपीए नम्बर 2005 में 19 अक्तूबर 2010 को पारित आदेशों की अनुपालना में हिमाचल सरकार द्वारा भाखड़ा बांध विस्तापितों द्वारा किए गए अवैध कब्जों के नियमितिकरण के सम्बध को ध्यान में रखते हुए विशेष नीति बनाई गई थी, जो कि 28 अक्तूबर 2013 को जारी की गई थी, जिस को कि पुनः हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 28 जुलाई 2018 को विचार कर संशोधित किया गया था। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त बिलासपुर शहर के मूल आस्टी/अलाटी व उनके जायज वारसान (जिनको भाखड़ा बांध विस्थापित होने के नाते प्लाट आवंटित हुआ हो), जिन्होंने पूर्व में आवेदन कर रखा था, उन्हे पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

इस खबर से बहुत सारे परिवारों के चेहरे पर ख़ुशी कि रौनक आ गयी है, जो कि बर्षों से अपने हक़ के लिए लड़ रहे थे |

Write A Comment