धर्मशाला के होटलों पर मुश्किलो के काले बादल मंडराना शुरू हो गए हैं । सूत्रों के अनुसार अब से धर्मशाला के होटलो को गीले कूड़े का समाधान खुद होटल के संचालकों को निपटारा करना होगा, जिसके लिए उनको कूड़े के लिए संयंत्र भी लगाने होगा। अगर कोई होटल संचालक नियमो का पालन नहीं करते हुए संयंत्र नहीं लगाता है । तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यटन विभाग होटल के संचालको का एनओसी पंजीकरण नवीनीकरण रद्द कर देगी ।


सभी होटल के संचालकों को निर्देश जारी

धर्मशाला के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय ने नगर निकायों के माध्यम से सभी होटल के संचालकों को निर्देश जारी कर दिए हैं । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यटन विभाग के निर्देशालय को सूचित किया है की होटलो के संचालकों पर जब संयंत्र लगा लें तभी होटल का पंजीकरण नवीनीकरण किया जाये ।

होटल मालिक नहीं कर रहे अच्छे से सुनवाई

आपको बता दूँ होटल संचालकों के प्रति सख्त रुख ऐसा पहली बार हो रहा है । हालांकि अभी तक इक्का-दुक्का ही होटल संचालक हैं, जिन्होंने नियमो को पूरा किया होगा । जिला कांगड़ा में लगभग 500 तक होटल हैं । धर्मशाला के पर्यावरण अभियंता बृज भूषण ने कहा कि होटल संचालकों को गीले कूड़े का निस्तारण खुद ही करना होगा।

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