किन्नौर जिले (Kinnaur district, Himachal Pradesh) में शुक्रवार शाम से ही मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया था, नतीज़न शनिवार सुबह तक लगभग पूरे किन्नौर की ऊंची पहाडि़यों पर बर्फ गिरनी (Snow falls on high hills) शुरू हो गयी है, इस के साथ साथ निचले इलाकों में रुक रुक कर बारिश होने का क्त्रम देखा गया ।

लगभग एक सप्ताह से किन्नौर के मौसम में आय इस बदलाब के कारण अधिकतर इलाकों में ठंड में भी काफी बढ़ोतरी हो गयी है, लोगों ने रात में रजाई / कंबल सहित सर्दियों वाले गर्म कपड़े प्रयोग में लाने शुरू कर दिए हैं। बेमौसमी बारिश (Seasonal rain) के कारण लोगों का अधिकांश समय घरों में ही बीता ।

सेब की फसल को लेकर किसानों में चिंता

जिले के मौसम में अचानक आये इस बदलाब के कारण लोगों की एक बड़ी चिंता अपने नकदी फसल सेब को लेकर बढ़ रही है। क्योंकि किन्नौर के अधिकांश क्षेत्रों में सेब की फसल अभी पेड़ो के ऊपर ही लगी हुयी है। सेब बागबानों (Apple orchards) की चिंता और भी बढ़ गयी क्योंकि मौसम अगर इसी तरह से कुछ दिन और रहा यह सेब की फसल पर भी बहुत बुरा प्रभाव डाल सकता है।


25 में से सिर्फ आठ लाख पेटी ही पहुंची सेब मंडी

हालांकि सेब बागबान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि मौसम में आय बदलाब के कारण सेब तुड़ान का काम भी ठप्प पड़ गया है। किन्नौर में सेब सीजन पूरे ज़ोर शोर पर चल रहा है, किन्नौर जिला से अनुमानित पच्चीस लाख में से सिर्फ आठ लाख के करीब ही सेब पेटियां मंडियों में पहुंची है।

किन्नौर के उद्यान विभाग के उपनिदेशक हेम चंद शर्मा बताया कि खराब मौसम के बाबजूद भी शुक्रवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ (Reckong Peo Town , Reckong Peo Tehsil , Kinnaur District) से रामपूर (Rampur Bushahr, Shimla) सहित शिमला, सांगला, कल्पा सहित छितकुल आदि क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चलती रही। बिजली पूर्ति में भी कोई रुकावट नहीं देखी गई।

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