हिमाचल प्रदेश के सोलन में सर्पदंश से हुई बच्ची की मौत के बाद अब उसके पिता ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया है। एक दर्दनाक हादसे में बाप-बेटी दोनों को ही बिस्तर पर सांप ने काट लिया था। जिस से चार साल की बेटी की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई, लेकिन पिता को अस्पताल परवाणू में प्राथमिक उपचार देने के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। उपचार के दौरान वीरवार को पीजीआई में उनकी भी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं सवाल, सर्पदंश के इंजेक्शन सभी जगह हो उपलब्ध

इस हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्पदंश के इंजेक्शन सभी जगह उपलब्ध हों जिस से डिस्पेंसरी में भी इसका उपचार शुरू हो सके। मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पिता और बेटी को परिजन सबसे पहले पट्टा महलोग स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे फिर वहां से उन्हें परवाणू रेफर किया गया।


परवाणू में पहुंचते ही चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया था इसके साथ ही पिता को उपचार के लिए पीजीआई भेज दिया। पिता ने भी पीजीआई में पांच दिन तक के उपचार के बाद वीरवार सुबह छह बजे दम तोड़ दिया।

मृतक अपने पीछे छोड़ गया पत्नी दलबीर कौर और दो बच्चे

मिली जानकारी के अनुसार 39 वर्षीय राम अवतार गरीब परिवार से सम्बध रखता था, वह मेहनत मजदूरी कर परिवार को पाल रहा था। अचानक से हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक राम अपने पीछे पत्नी दलबीर कौर और दो बच्चों को भी छोड़ गया है।

उस के बच्चे कक्षा पांच और छह में पढ़ाई कर रहे हैं। घर में केवल राम अवतार ही कमाने वाला था परिवार के पास कमाई का दूसरा साधन नहीं है। कृष्णगढ़ उपतहसील के तहसीलदार बसंतराम ठाकुर ने कहा कि उन्हें प्रधान से इस घटना की जानकारी मिली है। प्रशासन परिवार के लिए यथा संभव सहायता की कोशिश करेगा।

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