जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के डंगार में पिछले दिनों हुई बेमौसमी बारिश के कारण मक्की की फसल लगभग खेतों में सो गयी है, जिस की बजह से अब मक्की खेतों में खड़े-खड़े ही सड़ने की कगार पर है । इन दिनों मक्की की फसल का पीक सीजन चला हुआ है, जिले में अधिकतर फसल कट भी चुकी है लेकिन मक्की को निकालने का समय ही नहीं मिल रहा है, जिस से जो कट चुकी है वो मक्की भी सड़ रही है ।

बारिश के होते ही राज्य में ठंड भी बढ़ गयी है, ऐसे में इन दिनों मक्की की फसल के साथ लोग अपने पशुओं के लिए घास कटाई का काम भी करते हैं बाद यही घास सालभर के लिए पशुओं के चारे लिए काट कर सुखाया जाता है, लेकिन मौसम खराब के चलते यह काम भी रुका पड़ा है।


किसानों के लिए बेमौसमी बारिश बनी मुसीबत

वहीं किसानों का कहना है कि बारिश इसी प्रकार से होती रही तो इस बार मक्की की फसल सीधा असर पड़ेगा क्योंकि मक्की निकालने के बाद मक्की जो इसका तना बच जाता है उसको सुखाकर पशुओं के चारे के लिए रखा जाता है, लेकिन इस बारिश के कारण यह सारा सड़ रहा है।

मक्की के दाने सूखने में 15-20 दिन का समय लेती है और यह ग्रामीण इलाकों में गरीब किसान परिवारों के लिए अगले छह महीने तक चलने वाला राशन होता है। इसी से अधिकतर परिवारों का भरण पोषण होता है, लेकिन मौसम इसी बिगड़ता रहा तो सारा अनाज़ भी सड़ने की बजह से बेकार हो जाएगा।

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