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हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण जिला कांगड़ा का पौंग डैम (महाराणा प्रताप सागर ) का जलस्तर खतरे के निशान करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन में भारी बारिश की संभावना है , जिस के चलते वाटर लेवल 1387 से पार पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इस आशंका के चलते बीबीएमबी प्रशासन (Bhakra Beas Management Board) ने डीसी कांगड़ा सहित अन्य अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है व एक पत्र जारी कर इस बारे सूचना दे दी है। नीचे पत्र देखें :- ज्ञात सूत्रों से पता चला है कि आज मंगलवार सुबह 6 बजे तक पौंग डैम का जलाशय का वाटर लेवल 1386.47 फीट पहुंच चुका है, जबकि इनफ्लो 30000 क्यूसेक पाया गया है। वर्तमान में टरबाइनों के माध्यम से लगभग 12000 क्यूसेक पारी छोड़ा जा रहा है। आज हुई बीबीएमबी तकनीकी कमेटी की बैठक में…

हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा में भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई हैं। चंबा-सिल्लाघराट मार्ग पर मरेडी के पास एकदम से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। जिससे सड़क बंद हो गई। इस दौरान कोई गाड़ी उस सड़क पर नहीं थी। वरना दुर्घटना हो सकती थी। शिमला जिले में आसमानी बिजली ने कहर मचा दिया, सैंकड़ों भेड़-बकरियों की मौत सड़क बंद होने से छोटी से बड़ी गाड़ियां सभी रुक गई हैं। जैसे ही इसकी सुचना लोनिवि को दी गई तो लोनिवि के कर्मचारी मशीनरी के साथ सड़क को ठीक करने में लगे हैं। वहीं शिमला जिले में आसमानी बिजली ने कहर मचा दिया है। चिड़गांव की ग्राम पंचायत सिदासलीम में आसमानी बिजली के गिरने से काफी संख्या में भेड़-बकरियों मर गई हैं। जब आसमानी बिजली गिरी उस समय गांव के लोगों को भेड़-बकरियों को जंगल में चरने के लिए छोड़ रखा था। इस से ग्रामीण प्रशासन से…

हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में जाम में फंसी बस में बची की मौत हो गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शनिवार रात को नेशनल हाईवे पर लगा जाम उस बच्ची की मौत का कारण बन गया। मासूम का परिवार हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में मेहनत-मजबूरी करने जा रहा था। इसी बीच भारी बारिश के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बंद हो गया था जिस कारण बहुत सी गाड़ियां जाम में फंस गईं। इसी के साथ ही उक्त लोगों की बस भी स्वारघाट के पास रात को रुक गई। मिली जानकारी के अनुसार बच्ची को गोद में ही सुलाया था बस रविवार सुबह से स्वारघाट में खड़ी थी। इसी बीच सोमवार सुबह मासूम ने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने उन्हें 3500 रुपये की आर्थिक सहायता दी, बच्ची का परिवार उत्तेर प्रदेश का रहने वाला था बताया जा रहा है कि मृतक बच्ची का नाम केतकी था…

मनाली से रोहतांग जा रहे एक पेट्रोल के टैंकर पर अचानक से पहाड़ बैठ गया, लेकिन गनीमत रही कि पीछे मैं टैंकर पर गिरा जिस कि बजह से ड्राइवर और सहायक ने आगे कूद कर अपनी जान बचाई । सोमवार को मनाली-रोहतांग पर टैंकर के क्षतिग्रस्त मार्ग पर फंस जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही के लिए लोगों को आने जाने के लिए समस्या का कारण बन गई है। ज्ञात रहे कि मनाली से आगे और रोहतांग से पीछे मंढी के समीप भूस्खलन होने के कारण मनाली लेह नेशनल हाईवे बंद हुआ है, मार्ग बंद होने के कारण वाहन अधिक मात्रा में फंसे हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर की गलोड़ तहसील के पास टिपर फाहल नामक जगह पर स्थित एक निजी इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी कॉलेज का बहुमंजिला भवन गिर गया हैं जिसका कारण मान खड्ड में आई बाढ़ बताया जा रहा हैं। भवन ऐसे गिरा जैसे ताश के पते गिरते हैं। जानकारी के अनुसार उस समय भवन में कोई भी मौजूद नहीं था। क्यूंकि वर्ष 2015-16 में यह महाविद्यालय बंद हो चुका है। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के अंतर्गत इस महाविद्यालय में पहले बीटेक और बी-फार्मेसी की कक्षाएं लगती थीं लेकिन वर्तमान में यहां सभी कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। भोरंज के खरबाड़ में राजकीय प्राथमिक पाठशाला की गिर गई अचानक से दीवार इसके साथ ही एक खबर और भी आई है कि भोरंज के खरबाड़ में राजकीय प्राथमिक पाठशाला की दीवार अचानक गिर गई। एसएमसी प्रधान कमल भाटिया ने कहा कि इस सब की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी…

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़को की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। जिसके चलते प्रदेश में खतरनाक बन चुकी 148 सड़कों पर वाहनों की रोक लगा दी गई है। ये सड़के बारिश से इतनी ज्यादा प्रभावित हुई हैं कि इन पर सफर करना किसी जोखिम भरे कार्य से कम नहीं है। सड़कों पर हर जगह मलबा, पेड़ और पहाड़ी से पत्थर गिरने पर जैसे हादसों की आशंका हर समय बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों पर सफर न करने की दी हिदायत, मलबा और पेड़ गिरने की अधिक आशंका हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने लोगों को ऐसी सड़कों पर सफर न करने की हिदायत दी है। उनके अनुसार इन सड़कों का निर्माण एक दो साल के भीतर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत हुआ है। लोक निर्माण विभाग का यह भी कहना है कि अधिकतर सड़कें कच्ची हैं जबकि कुछ…

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से काफी तबाही हो रही है, जिसे चले सारे नदी नाले अपन उफान पर हैं । हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर से बातचीत के दौरान उन्होंने पत्रकारों को बताया कि पिछले 24 घंटों में प्रदेश भर में कुल 18 लोगों की मौत हो चुकी है। मृत लोगों के लिए मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया मृत लोगों के लिए शोक व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों भारी बारिश होने के कारण जगह-जगह पर भूस्खलन और पेड़ों के गिरने की सूचना मिली है। उन्होंने साथ में ये भी बताया कि अकेले शिमला में जिले में ही 8 लोगों की इन हादसों से मौत हो चुकी है।मुख्यमंत्री ने सूचना देते हुए कहा कि उन्हें चंबा कुल्लू सिरमौर सोलन जिले में दो दो व्यक्तियों ने अपनी जान गयी है। इसके अतिरिक्त बिलासपुर लाहौल-स्पीति में पिछले 2 दिनों से हो रही निरंतर बारिश में एक…

हमीरपुर जिले की कुनाह खड्ड में भारी बारिश के चलते उफान आ गया है, जिसके कारण एक व्यक्ति उस की चपेट में आ गया व खड्ड पानी के तेज़ प्रवाह के साथ उसके बहने की वजह से व्यक्ति की मौत हो गई है। मृत व्यक्ति का शव जिला हमीरपुर जिला के ग्राम पंचायत साहनीवीं के पास से बरामद हुआ है, सूत्रों के अनुसार अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पायी है। कुछ स्थानीय लोगों ने मृतक की पुष्टि करते हुए उसे गांव महल के आसपास बताया है। वहीं मामले की कुछ पुष्टि करते हुए एस एच ओ गौतम ने बताया कि शव ही हिरासत में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और सब को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।hima

हिमाचल प्रदेश में कुछ दिनों से मूसलधार बारिश लगातार लगी हुई है। जिस वजह से हर छोटी-बड़ी नदियाँ और उसके साथ ही नाले भी उफान पर हैं। सोमवार को हमीरपुर जिले से एक खबर के अनुसार लोअर हड़ेटा स्कूल का एक छात्र और साथ ही तीन अध्यापक खड्ड पार करते समय पानी के तेज होने की वजह से काफी दूर तक खड्ड में बह गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से किसी तरह बचाया। सभी शैक्षणिक संस्थानों में सोमवार को कर दी अवकाश की घोषणा जानकारी के अनुसार, 11वीं कक्षा के छात्र अनुराग को बचने के चक्कर में स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील शर्मा, शारीरिक शिक्षक पवन कुमार और पूर्व सैनिक सुरेश कुमार भी तेज बहाव में बह गए। इन सभी को बहुत मेहनत के बाद पानी से निकला गया। जिसके बाद सभी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ में भर्ती करवाया गया है। बारिश की वजह से…

इस बरसात में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जिले में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। शिमला के कुमारसेन थाना अंतर्गत जंगल के बीच में रह रहे नेपालियों के ढारे में विशालकाय पेड़ गिर गया, इस घटना में दो नेपाली मौके पर मारे गए। ज्ञात सूत्रों से ये पता चला है कि यह घटना तब घटी जब वे दोनों रात में सो रहे थे, मृतकों की पहचान अर्जुन बुद्धा और सन बहादुर के रूप में हुई है। प्रशाशन ने भी किया सचेत लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लगभग सारे जिलों में बारिश ने कहर मचा रखा है, सारे नदी नाले व् खड्डें अपने उफान पर हैं। जिस की बजह से प्रशाशन ने सूचना जारी करते हुए सचेत किया है कि ऐसी जगह पर जाने से बचें जहां पर पानी उफान पर हो ।

हिमाचल प्रदेश मौसम विभाग ने हिमाचल के कई भागों में दो दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, विभाग की चेतावनी के बीच शुक्रवार को शिमला सहित अन्य भागों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने वीरवार के लिए आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर सभी को सचेत रहने के लिए कहा है। ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश हो सकती है। 22 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। प्रदेश में आजकल जमकर बार्स रहे हैं बादल बताया जा रहा की राजधानी शिमला में शुक्रवार दोपहर बाद जमकर बादल बरसे। हमीरपुर जिले के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शुक्रवार को प्रदेश में 141 सड़के बंद रही। हिमाचल के मौसम विभाग ने छह जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर,…

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण बहुत से सड़क मार्ग भी बंद पड़े हैं, साथ में नदी नाले भी पूरे उफान पर हैं। इस बजह से कोई अप्रिय घटना न हो जाये इसके लिए शिमला सहित आठ जिलों में 48 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की आई रिपोर्ट के अनुसार 17 अगस्‍त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चम्बा, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि 18 अगस्‍त को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। 19 अगस्‍त तक प्रदेश के अधिकतर इलाकों में होगी बारिश : मौसम विभाग हिमाचल प्रदेश के मौसम के बारे में मौसम विभाग का कहना है कि 19 अगस्‍त तक प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बारिश होगी। इस बजह से में दो दिनों तक प्रशासन मुस्‍तैद रहे और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने…

हिमाचल प्रदेश के रामपुर (शिमला) में ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण होने वाले भूस्खलन की चपेट में आने से एक मां-बेटी की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य शख्स घायल है जिसे कि अस्पताल भेज दिया गया है। मलवा पेड़ गुर्जर समुदाय के अस्थायी घर पर गिरा प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामपुर बुशहर में महासू के पास बाजवा के जंगल में भारी भूस्खलन हुआ है, जिस के बाद उसका सारा मालवा व् एक पेड़ गुर्जर समुदाय के अस्थायी घर पर गिरा है। जिस में कारण उस समय उस में रह रही मां-बेटी की मौत हुई है, वहीं एक शख्स घायल है, प्रशासन का राहत और बचाव दल पहुंचा मौके पर पहुंचा है। आईटीबीपी सराहना से टीम भेजने का आग्रह रहत कार्य के लिए झाकड़ी से पुलिस व दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गई हैं। प्रशासन ने आईटीबीपी सराहना से टीम भेजने का आग्रह किया गया…

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से मंडी जिले में तीनों एनएच चंडीगढ़-मनाली, जालंधर-मंडी और मंडी-पठानकोट पर यातायात व्यवस्था बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। भूस्खलन और पत्थर गिरने से सारा दिन रुक-रुक कर जाम लगता रहा। जिस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी से कुल्लू जाने वाले यात्रियों को वाया कटौला – बजौरा भेजा गया भारी बारिश से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी से औट तक पहाड़ियों से पत्थर गिरना शुरू हो गए थे। कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ था। विभाग को यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ देर के लिए यातायात बंद करना पड़ा। मंडी से कुल्लू जाने वाले सभी यात्रियों को वाया कटौला -बजौरा भेजा गया। लेकिन वहां का रास्ता तंग होने से वाहन जाम में फंसे रहे। पठानकोट एनएच पर भी उरला के समीप, कोटरोपी और मैगल में पत्थर गिरने का खतरा मिली जानकारी के अनुसार भारी बारिश होने से पठानकोट एनएच…

हिमाचल प्रदेश में आजकल जग़ह जग़ह पर भरी तबाही मचा रखी है, कोई भी जिला या तहसील ऐसी नहीं बची है जिसको कि बारिश का प्रकोप न सहना पड़ा हो | किन्नौर जिले में 3 से अधिक स्थानों पर बादल फटने और बाढ़ आने से 4 जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली 3212 मैगावाट बिजली उत्पादन ठप्प हो गया है जबकि NH-5 दो स्थानों पर अवरुद्ध है। साथ ही पूर्वनि को जोडऩे वाले तांगलिंग पुल भी बाढ़ की बजह से बह गया है। कानम नामक स्थान में बाढ़ की चपेट में आने से एक पिकअप बह गया। सूत्रों के अनुसार वीरवार को किन्नौर जिले के ऊपरी क्षेत्र कानम, मूरंग नाला, तंगलिंग और सांगला घाटी के टोंगतोंगचे नाला में बादल फटने के बाद बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल विद्युत परियोजनाओं को बंद करना पड़ा है। सिल्ट के कारण बिजली परिजयोजना हुई ठप्प, डैम के गेट भी खोले गए हिमाचल…